
Hadith #177
Hindi (हिन्दी)रसूलुल्लाह ﷺ (रमज़ान के) आख़िरी अ़शरे में (त़ाअ़त और इ़बादत के लिये) इस क़द्र मशक़्क़त फ़रमाते थे जो दीगर अय्याम में न करते थे ।
Reference: صحيح مسلم, كتاب الاعتكاف، باب الاجتهاد في العشر الأواخر۔۔۔الخ، الحدیث 1175

रसूलुल्लाह ﷺ (रमज़ान के) आख़िरी अ़शरे में (त़ाअ़त और इ़बादत के लिये) इस क़द्र मशक़्क़त फ़रमाते थे जो दीगर अय्याम में न करते थे ।
Reference: صحيح مسلم, كتاب الاعتكاف، باب الاجتهاد في العشر الأواخر۔۔۔الخ، الحدیث 1175