
Hadith #398
Hindi (हिन्दी)बंदे की दुआ़ क़ुबूल होती है जब तक के वो गुनाह या क़त्अ़् रहमी की दुआ़ न मांगे, और जब तक के जल्दबाज़ी से काम न ले।
Reference: صحيح مسلم، كتاب الذكر والدعاء، باب بيان أنه يستجاب للداعي...إلخ، الحدیث 2735

बंदे की दुआ़ क़ुबूल होती है जब तक के वो गुनाह या क़त्अ़् रहमी की दुआ़ न मांगे, और जब तक के जल्दबाज़ी से काम न ले।
Reference: صحيح مسلم، كتاب الذكر والدعاء، باب بيان أنه يستجاب للداعي...إلخ، الحدیث 2735