
Hadith #365
Hindi (हिन्दी)(नजात इसी में है कि) तुम अपनी ज़बान को क़ाबू में रखो, तुम्हारा घर तुम्हारे लिये वसीअ़् (काफ़ी) हो, और तुम अपने गुनाहों पर रोया करो ।
Reference: جامع الترمذي، أبواب الزهد، باب ما جاء في حفظ اللسان، الحدیث 2406

(नजात इसी में है कि) तुम अपनी ज़बान को क़ाबू में रखो, तुम्हारा घर तुम्हारे लिये वसीअ़् (काफ़ी) हो, और तुम अपने गुनाहों पर रोया करो ।
Reference: جامع الترمذي، أبواب الزهد، باب ما جاء في حفظ اللسان، الحدیث 2406