
Hadith #278
Hindi (हिन्दी)जिस को येह बात पसन्द हो कि अल्लाह उसे क़ियामत की सख़्तियों से नजात बख़्शे, तो वोह तंग-दस्त (क़र्ज़-दार) को मोहलत दे या मुआ़फ़ कर दे ।
Reference: صحيح مسلم، کتاب المساقاۃ، باب فضل انظارالمعسر، الحديث 1563

जिस को येह बात पसन्द हो कि अल्लाह उसे क़ियामत की सख़्तियों से नजात बख़्शे, तो वोह तंग-दस्त (क़र्ज़-दार) को मोहलत दे या मुआ़फ़ कर दे ।
Reference: صحيح مسلم، کتاب المساقاۃ، باب فضل انظارالمعسر، الحديث 1563