
Hadith #391
Hindi (हिन्दी)जब अल्लाह अपने किसी बंदे के साथ भलाई का इरादा फरमाता तो उसको जल्द ही दुनिया में सज़ा दे देता है; और जब किसी बंदे के साथ बुराई का क़स्द फरमाता है तो गुनाह के बावुजूद उसकी सज़ा रोक रखता है यहां तक के क़ियामत के दिन उसे पूरी पूरी सज़ा देगा।
Reference: جامع الترمذي، أبواب الزهد، باب ما جاء في الصبر على البلاء، الحدیث 2396