
Hadith #384
Hindi (हिन्दी)किसी औरत के लिए जो अल्लाह और क़ियामत पर ईमान रखती हो जाइज़ नहीं के एक दिन और रात की मस़ाफत का सफर बग़ैर किसी महरम के करे।
Reference: صحيح البخاري، أبواب تقصير الصلاة، باب في كم يقصر الصلاة، الحدیث 1088

किसी औरत के लिए जो अल्लाह और क़ियामत पर ईमान रखती हो जाइज़ नहीं के एक दिन और रात की मस़ाफत का सफर बग़ैर किसी महरम के करे।
Reference: صحيح البخاري، أبواب تقصير الصلاة، باب في كم يقصر الصلاة، الحدیث 1088