
Hadith #209
Hindi (हिन्दी)ऐ (उ़मर) इब्ने ख़त़्त़ाब! क़सम है उस ज़ात की जिस के क़ब्ज़ा-ए-क़ुदरत में मेरी जान है, शैत़ान तुम्हें किसी रास्ते पर चलता हुआ देखता है तो वोह तुम्हारा रास्ता छोड़ कर दूसरा रास्ता इख़्तियार कर लेता है ।
Reference: صحيح البخاري، كتاب أصحاب النبي ﷺ، باب مناقب عمر بن الخطاب، الحدیث 3683