
Hadith #337
Hindi (हिन्दी)आपस में एक दूसरे पर न तो अल्लाह की ला’नत करो, और न उस के ग़ज़ब की, और न (दोज़ख़ की) आग की बद्-दुआ़ करो ।
Reference: جامع الترمذي، أبواب البر والصلة، باب ما جاء في اللعنة، الحدیث 1976

आपस में एक दूसरे पर न तो अल्लाह की ला’नत करो, और न उस के ग़ज़ब की, और न (दोज़ख़ की) आग की बद्-दुआ़ करो ।
Reference: جامع الترمذي، أبواب البر والصلة، باب ما جاء في اللعنة، الحدیث 1976