
Hadith #361
Hindi (हिन्दी)(अस्ल में) बख़ील वोह शख़्स है जिस के सामने मेरा ज़िक्र हो और वोह (फिर भी) मुझ पर दुरूद न पढ़े ।
Reference: جامع الترمذي، أبواب الدعوات، باب رغم أنف رجل، الحدیث 3546

(अस्ल में) बख़ील वोह शख़्स है जिस के सामने मेरा ज़िक्र हो और वोह (फिर भी) मुझ पर दुरूद न पढ़े ।
Reference: جامع الترمذي، أبواب الدعوات، باب رغم أنف رجل، الحدیث 3546